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5 everyday things which banned in saudi arabia (रोजमर्रा की ऐसी पांच चीजें, जिन पर सऊदी अरब में है पाबंदी)

रोजमर्रा की ऐसी पांच चीजें, जिन पर सऊदी अरब में है पाबंदी महिलाओं के गाड़ी चलाने पर पाबंदी

रोजमर्रा की ऐसी पांच चीजें, जिन पर सऊदी अरब में है पाबंदीसऊदी अरब में गैर-मुस्लिम लोगों के लिए सार्वजनिक तौर पर पूजा-पाठ करना वर्जित है। किसी सार्वजनिक स्थान पर भगवान की तस्वीर, बाइबिल, क्रॉस और बाकी धार्मिक सामग्रियों को इस्लाम आजादी नहीं देता।

रोजमर्रा की ऐसी पांच चीजें, जिन पर सऊदी अरब में है पाबंदीसऊदी अरब में 45 वर्ष से कम उम्र की महिला के लिए अकेले सफर करना आसान नहीं है। सफर के दौरान या तो महिला के  साथ उसके पिता या पति का होना ज़रूरी है। अगर उसके साथ कोई नहीं है तो उसे अकेले सफर करने के लिए लिखित अनुमति दिखानी होगी।

रोजमर्रा की ऐसी पांच चीजें, जिन पर सऊदी अरब में है पाबंदीअकेली महिला और अकेले पुरुष को इस बात की आजादी नहीं है कि वो सार्वजनिक जगह पर एक साथ वक्त बिता सकें। रेस्टोरेंट और मॉल जैसी सार्वजनिक जगहों पर महिलाएं और पुरूष एक साथ नहीं बैठ सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि दोनों एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हों या फिर पति-पत्नी हों।

Source link: http://www.bhaskar.com/article/INT-saudi-arabia-5-everyday-things-banned-4551350-PHO.html?seq=6

पूरा समाचार यहां है।

Five saudi men sentenced to 4500 lashes for valentine party

वैलेंटाइन डे पर नाचने और शराब पीने के दोषियों को 4,500 कोड़ों की सजा

सऊदी अरब: वैलेंटाइन डे पर नाचने और शराब पीने के दोषियों को 4,500 कोड़ों की सजारियाद। सऊदी अरब की क्रिमिनल कोर्ट ने पांच लोगों को 32 साल कैद और 4,500 कोड़ों की सजा सुनाई है। इन्हें वैलेंटाइन डे पर पार्टी आयोजित करने के मामले में सजा सुनाई गई है।
कानून तोड़ने वाले युवकों को बुरैदा कासिम प्रांत के अल फारुक क्षेत्र में एक किराए के घर से गिरफ्तार किया गया है। उनपर आरोप है कि वैलेंटाइन डे पर उन्होंने शराब पी और डांस किया और इस दौरान उनके साथ अनजान महिलाएं भी थी। 
 
एक अन्य मामले में रईफ बदावी नामक सऊदी ब्लॉगर को दस साल की जेल, 1000 कोड़े और दस लाख रियाल की सजा सुनाई गई है। रईफ पर इस्लाम के अपमान का आरोप साबित हुआ था। उसे जून, 2012 में साइबर क्राइम टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

रईफ को इससे पहले सात साल की जेल और 600 कोड़ों की सजा सुना गई थी, लेकिन दुबारा ट्रायल चलाए जाने के बाद सजा में परिवर्तन किया गया। मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी ने सऊदी अरब कोर्ट के इस फैसले को 'उपद्रवी' बताया और इसकी आलोचना की।

सऊदी अरब में रह रहे लोगों की उन रोजमर्रा की चीजों पर भी पाबंदी है, जिसकी कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता। इन पाबंदियों के बीच महिलाओं की स्थिति तो सबसे ज्यादा खराब है। इस्लाम में जिन चीजें को हराम माना गया है, उस पर सऊदी अरब में पाबंदी है। यहां कानून का मतलब शरिया से है।

पूरा समाचार यहां है।
Source: http://www.bhaskar.com/article/INT-five-saudi-men-sentenced-to-4500-lashes-for-valentine-party-4609327-NOR.html?seq=2

सऊदी अरब को भूल जाइए, यहां हर कोई हाथ से ही निकाल लेता है तेल

सऊदी अरब को भूल जाइए, यहां हर कोई हाथ से ही निकाल लेता है तेल

इंटरनेशनल डेस्क। म्यांमार प्राकृतिक संसाधनों में काफी समृद्ध है। लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा अभी भी अप्रयुक्त है। देश में 50 साल से सैन्य शासन द्वारा लगाए गए राजनीतिक प्रतिबंधों ने विदेशी निवेश को दूर रखा है। यही वजह है कि तेल व गैस उद्योग अब तक आधुनिकीकरण की बाट जोह रहे हैं। तेल उद्योग के बड़े खिलाड़ियों की जगह, यहां स्थानीय उद्यमी हजारों मजदूरों के श्रम का इस्तेमाल पारंपरिक तरीके से लाभ कमा रहे हैं।
 
ऐसे निकाल रहे तेल
किसी तेल के कुंए को खोदने के लिए मजदूर ट्राइपॉड नुमा (तीन टांग वाला) बांस या फिर पेड़ के तने का पोल गाड़ लेते हैं। ये करीबन 40-50 फीट ऊंचे होते हैं। जिसमें चरखी के मदद से ड्रिलिंग मशीन लगाकर तेल खींचा जाता है। तेल की सतह तक पहुंचने के लिए मजदूर घंटों इस प्रक्रिया से गुजरते हैं।
 
करते हैं कठिन परिश्रम
इस कठिन परिश्रम के बाद इकलौता मजदूर दिनभर में 300 बैरल कच्चा तेल इकट्ठा करता है। इसकी कीमत 3,000 डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में एक लाख 80 हजार पांच सौ पच्चीस रुपए होती है, जिसे फिर स्थानीय रिफाइनरी को बेच दिया जाता है।

पूरा समाचार यहां है।
Source link: http://www.bhaskar.com/article-rk/INT-myanmars-manual-oil-drills-4603694-PHO.html

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