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जहां 42 वोटरों के लिए 100 जवान तैनात होंगे

छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के नक्सली प्रभावित इलाके में एक ऐसा मतदान केंद्र है, जो वीरान गांव में बनाया गया है। इस मतदान केंद्र पर 42 मतदाता हैं, जो 5 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचेंगे। मतदान दल को 20 किलोमीटर पैदल चलना होगा। इन मतदाताओं की सुरक्षा के लिए केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 100 जवान तैनात किए जाएंगे। 

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बस्तर संभाग बीजापुर जिले का गांव पिनकोंडा, एक वीरान गांव है जहां के निवासी 2011 से नक्सली दशहत के चलते गांव खाली कर अन्यत्र बस गए। इस चुनाव में भी पूर्व की तरह पिनकोंडा को मतदान केंद्र बनाया गया है जहां मतदान करने के लिए 3 आश्रित गांवों नितीवाड़ा, पासवाड़ा तथा मसले के निवासियों को करीब 5 किमी पैदल चलकर पहुंचना होगा। मतदाताओं की कुल संख्या 42 है। मतदान केंद्र की सुरक्षा के लिए 100 जवानों को तैनात किया जा रहा है। 

मतदान केंद्र मट्टीमारका में 80 मतदाता हैं यहां मतदान केंद्र में सुरक्षा बल के 100 जवानों की तैनाती की जाएगी। यहां तक पहुंचने के लिए मतदान दल को 22 किमी की दूरी पैदल ही तय करनी होगी। इसी प्रकार बड़े पर्रे मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए भी मतदान दल को 22 किमी पैदल चलना होगा। यहां 158 मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 200 जवान तैनात किए जाएंगे। 

नक्सली दृष्टि से अतिसंवेदनशील ऐसा ही गांव है वाडला जहां 407 मतदाता हैं। यहां 150 जवान तैनात किए जाएंगे। यहां 3 आश्रित गांवों कोलेंगे, गोकुल एवं पेंदालभ से 6 किमी चलकर मतदाता पहुंचेंगे। अति संवेदनशील एक और गांव कानापरते है, जहां 167 मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 200 जवान तैनात किए जाएंगे। 

मतदान दल को यहां तक पहुंचने के लिए 30 किमी की दूरी पैदल तय करनी होगी। इसी तरह निति काकलेर मतदान केंद्र में 60 मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 100 जवानों की तैनाती की जाएगी तथा 25 कि.मी। की दूरी पैदल तय कर मतदान दल यहां तक पहुंच पाएंगे। पूरा समाचार यहां है।


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